द्धेष करनेवाले का जी नहीं भरता – प्रश्न


प्रश्न / उत्तर

प्रश्न-1  ब्राह्मणों ने दुर्योधन को कौन सा यज्ञ करने की सलाह दी? 

 

प्रश्न-2 पांडवों के वनवास के समय दुर्योधन की इच्छा कौन सा यज्ञ करने की थी?

 

प्रश्न-3 दुर्योधन राजसूय यज्ञ क्यों नहीं कर सकते थे?

 

प्रश्न-4  कौन से ऋषि अपने शिष्यों के साथ दुर्योधन के राजभवन में पधारे? 

 

प्रश्न-5  दुर्योधन के सत्कार से प्रसन्न होकर ऋषि दुर्वासा ने क्या कहा?

 

प्रश्न-6  जब भीमसेन खाने का निमंत्रण देने गए तब दुर्वासा ऋषि ने क्या कहा?

 

प्रश्न-7  शिष्य दुर्वासा से क्या कह रहे थे?

 

प्रश्न-8  द्रौपदी की चिंतित होने का क्या कारण था?

 

प्रश्न-9 किसने किससे  कहा?

i. “वत्स, कोई वर चाहो, तो माँग लो।”

ii. “ज़रा लाओ तो अपना अक्षयपात्र। | देखें कि उसमें कुछ है भी या नहीं।”

 

प्रश्न-10  दुर्योधन ने ऋषि दुर्वासा से क्या प्रार्थना की?

 

प्रश्न-11  किसने और कैसे द्रौपदी की चिंता दूर की?

 

प्रश्न-12 युधिष्ठिर को अक्षयपात्र किसने दिया था और उसकी क्या विशेषता थी?

 


Last modified: Saturday, 29 December 2018, 3:49 PM